मानव संसाधन पेशेवर हमेशा से बदलाव का विरोध करते रहे हैं, और विडंबना यह है कि संगठन के भीतर बदलाव प्रबंधन की प्रक्रिया की अगुवाई हम ही करते हैं।
90 के दशक में हमने देखा कि HR पेशेवरों के लिए वित्तीय मामलों को समझना कितना कठिन था। नतीजा यह हुआ कि बोर्डरूम में हमारी जगह छिन गई। हमने इस पर खूब बहस और चर्चा की कि "मानव संसाधन पेशेवर CEO क्यों नहीं बन पा रहे?" कारण साफ़ था: ऑपरेशन्स संख्याओं की भाषा बोलता था, जिसमें HR पेशेवर सहज नहीं थे। यह तब स्पष्ट दिखा जब बहुत से CFO, CEO बने।
तेज़ टर्नअराउंड, त्वरित समाधान और शक्तिशाली एनालिटिक्स सुनिश्चित करने वाली तकनीक अपनाने में हिचकिचाहट के कारण HR के सामने भी ऐसी ही चुनौतियां आ सकती हैं। हम जितनी जल्दी ढलेंगे, उतना बेहतर होगा। सभी HR पेशेवर तकनीक के उपयोग से कतराते नहीं हैं, लेकिन ऐसे लोगों का प्रतिशत कम है। हमें तकनीक की ओर झुकाव रखने वाले युवा HR पेशेवरों का समर्थन करना चाहिए।
AI, ML और ब्लॉकचेन ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट में क्रांति लाएंगे, उसके कार्यों को बदलेंगे और कार्यबल प्रबंधन व परिचालन को नए सिरे से परिभाषित करेंगे।
HR और तकनीक
हम मानव संसाधन तकनीक के क्षेत्र में बहुत से स्टार्ट-अप देख रहे हैं। HR Logica Talent Solutions कर्मचारी के पूरे जीवन-चक्र को मैप करने के लिए AI और ML का उपयोग करता है। इंटरव्यू प्रक्रिया पर उम्मीदवार का फ़ीडबैक लेना, पेपरलेस और तेज़ ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करना, सीखने की प्रगति पर फ़ीडबैक, रोज़ाना कर्मचारियों की भावनाएं, या यहां तक कि पूर्ण कर्मचारी एंगेजमेंट सर्वे करना, AI और ML आधारित प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कुछ सुविधाएं हैं। AI आधारित एग्ज़िट प्रक्रिया कर्मचारियों को नियोक्ता को फ़ीडबैक देने का अवसर देती है। ML आधारित एनालिटिक्स बैकएंड में डेटा का मंथन करते हैं, जिससे संगठनों को सटीक, रीयल-टाइम जानकारी के आधार पर कार्य योजना तैयार करने में मदद मिलती है।
हम HR में ब्लॉकचेन का उपयोग भी देख रहे हैं, और Quinfy Technology जैसी कंपनी अपने ग्राहकों को बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और KYC समाधान देने के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग करती है। सोचिए, लागत घटाकर यह तेज़ ऑनबोर्डिंग संगठन को कैसे लाभ पहुंचाती है और उसके राजस्व को कैसे प्रभावित करती है।
अगर हम अभी तकनीक को नहीं अपनाते, तो हम जैसे HR पेशेवरों को लंबे समय में टिके रहने में मुश्किल हो सकती है। कई विशेषज्ञों ने HR विभाग की भविष्य में ज़रूरत पर बहस की है। कुछ विश्लेषकों ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया, लेकिन हम निश्चित रूप से जानते हैं कि जब तक कार्यबल में इंसान रहेंगे, HR विभाग ज़रूरी रहेगा। अवधारणाएं बदलेंगी, विघटनकारी तकनीक HR के क्षेत्र में दाखिल होगी, लेकिन जो इस तकनीकी लहर पर सवार होंगे, वही टिके रहेंगे।
